Category Archives: विनीत उत्पल

>नीक लोक

> नीक लोक ओ जे रहैत अछि इमानदार बेइमानी जखन धरि रहैत अछि नुकाएल नीक लोक ओ जे रहैत अछि सत्यवादी पकड़ल नहि जाइत छैक जखन धरि झूठ नीक लोक ओ जे रहैत अछि संस्कारी जखन धरि आगू नहि आबैत … Continue reading

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नीक लोक

नीक लोक ओ जे रहैत अछि इमानदार बेइमानी जखन धरि रहैत अछि नुकाएल नीक लोक ओ जे रहैत अछि सत्यवादी पकड़ल नहि जाइत छैक जखन धरि झूठ नीक लोक ओ जे रहैत अछि संस्कारी जखन धरि आगू नहि आबैत छै … Continue reading

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>एक धूर जमीन

> एक धूर जमीनक लेल जे अहाँ चिचिया रहल छी की सोचैत छी अहाँ संगे लऽ जाएब एक धूर जमीन सँ किछु नहि होएत साल आकि हजार सालसँ जमीन ओही ठाम छैक आइ छी अहाँ काल्हि नहि रहब जे अहाँक … Continue reading

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एक धूर जमीन

एक धूर जमीनक लेल जे अहाँ चिचिया रहल छी की सोचैत छी अहाँ संगे लऽ जाएब एक धूर जमीन सँ किछु नहि होएत साल आकि हजार सालसँ जमीन ओही ठाम छैक आइ छी अहाँ काल्हि नहि रहब जे अहाँक जमीन … Continue reading

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>नोकरी आकि आजीवन कारावास

> नेनामे अहां घोंइट-घोंइट कs यादि करैत रहिऐ किताबक पन्ना सोचैत रहिऐ खूब पढ़ि-लिखि कs नीक सन नोकरी भेटत तहि लेल गिन-राति घसैत रही कलम क्लासमे अबैत रहि प्रथम मुदा जखन नहि भेटल सरकारी नोकरी तं प्राइवेट नोकरी करै पड़ल … Continue reading

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नोकरी आकि आजीवन कारावास

नेनामे अहां घोंइट-घोंइट कs यादि करैत रहिऐ किताबक पन्ना सोचैत रहिऐ खूब पढ़ि-लिखि कs नीक सन नोकरी भेटत तहि लेल गिन-राति घसैत रही कलम क्लासमे अबैत रहि प्रथम मुदा जखन नहि भेटल सरकारी नोकरी तं प्राइवेट नोकरी करै पड़ल एहि … Continue reading

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>आन्हर क रोल करब चुनौती छल: श्रृति झा

>अंग्रेजी साहित्यक पढ़ाई आ थियेटर करैत-करैत कखन सीरियल करै लगलथि इ श्रृति कए पता नहि चलल। ‘धूम मचाओ धूम’, ‘जिया जले’, ‘ज्योति’ आओर ‘शौर्य आ सुहानी’ सन सीरियल मे काज करि छोट पर्दा क जरिए…घर-घर मे पहचानल चेहरा श्रृति झा … Continue reading

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