Category Archives: कविता

>नीक लोक

> नीक लोक ओ जे रहैत अछि इमानदार बेइमानी जखन धरि रहैत अछि नुकाएल नीक लोक ओ जे रहैत अछि सत्यवादी पकड़ल नहि जाइत छैक जखन धरि झूठ नीक लोक ओ जे रहैत अछि संस्कारी जखन धरि आगू नहि आबैत … Continue reading

Posted in कथा, कथा-पिहानी, कविता, मैथिली, विनीत उत्पल, Maithili | 1 Comment

नीक लोक

नीक लोक ओ जे रहैत अछि इमानदार बेइमानी जखन धरि रहैत अछि नुकाएल नीक लोक ओ जे रहैत अछि सत्यवादी पकड़ल नहि जाइत छैक जखन धरि झूठ नीक लोक ओ जे रहैत अछि संस्कारी जखन धरि आगू नहि आबैत छै … Continue reading

Posted in कथा, कथा-पिहानी, कविता, मैथिली, विनीत उत्पल, Maithili | 1 Comment

>मिठगर रौद

> ठिठुरैत ठंढ़ाकें झटकारि कs प्रकृति पहिरलक वसन्तक आवरण खर पतवारके बहारि कs जाड़क मानू होलिकाक संग भेल दहन रंग बिरंगक फूलक छींटसं फगुआ खेलाओत पूरा वातावरण एहेनमे हर्षित भs सबहक प्रशंसा अछि सूर्यकें अर्पण जकर ऊष्मा पाबि कs आएल … Continue reading

Posted in कथा-पिहानी, कविता, ज्योति, मैथिली, Maithili | Leave a comment

मिठगर रौद

ठिठुरैत ठंढ़ाकें झटकारि कs प्रकृति पहिरलक वसन्तक आवरण खर पतवारके बहारि कs जाड़क मानू होलिकाक संग भेल दहन रंग बिरंगक फूलक छींटसं फगुआ खेलाओत पूरा वातावरण एहेनमे हर्षित भs सबहक प्रशंसा अछि सूर्यकें अर्पण जकर ऊष्मा पाबि कs आएल अछि … Continue reading

Posted in कथा-पिहानी, कविता, ज्योति, मैथिली, Maithili

>नोकरी आकि आजीवन कारावास

> नेनामे अहां घोंइट-घोंइट कs यादि करैत रहिऐ किताबक पन्ना सोचैत रहिऐ खूब पढ़ि-लिखि कs नीक सन नोकरी भेटत तहि लेल गिन-राति घसैत रही कलम क्लासमे अबैत रहि प्रथम मुदा जखन नहि भेटल सरकारी नोकरी तं प्राइवेट नोकरी करै पड़ल … Continue reading

Posted in कथा-पिहानी, कविता, मैथिली, विनीत उत्पल, Maithili | Leave a comment

नोकरी आकि आजीवन कारावास

नेनामे अहां घोंइट-घोंइट कs यादि करैत रहिऐ किताबक पन्ना सोचैत रहिऐ खूब पढ़ि-लिखि कs नीक सन नोकरी भेटत तहि लेल गिन-राति घसैत रही कलम क्लासमे अबैत रहि प्रथम मुदा जखन नहि भेटल सरकारी नोकरी तं प्राइवेट नोकरी करै पड़ल एहि … Continue reading

Posted in कथा-पिहानी, कविता, मैथिली, विनीत उत्पल, Maithili

हम नै —- ई दुनियाँ कहैया

हम नै ई दुनियाँ कहैया हमरा राज्य में ई सब भेल , फल्ला के राज्य में कि सब भेल फूसी – फटक सब नेता बजैया , इलेक्शन बाद फेर के पुझैया हम नै —- ई दुनियाँ कहैया गाम – गाम … Continue reading

Posted in कथा-पिहानी, कविता, मैथिली, Maithili | 1 Comment