आम लोक मे सरकार के प्रति बढ़ल गुस्सा…शरद पवार के मारलक चांटा

आम लोक मे महंगाई… घोटाला… भ्रष्टाचारके लsक सरकार के प्रति गुस्सा बढ़ल जा रहलअछि.
एकर नतीजा आई दिल्ली के एनडीएमसी सेंटरमे देखय लेल मिलय. एहि ठाम हरविंदर सिंह नामक एकटा लड़का कृषि मंत्री शरद पवार के चांटाजड़ि देलक.
हरविंदर के साफ कहनाय छल जे महंगाई सं आमलोक परेशान अछि आओर एकरा लेल ओ सरकार के जिम्मेदार मानैत अछि. एहि लेल ओ शरद पवारके थापड़ि मारलक.
हरविंदर एहि सं पहिने

पूर्व दूरसंचारमंत्री सुखराम पर सेहो हमला कएने छल. हरविंदर सिंह के हिरासत मे लsक पूछताछ चलि रहल अछि.

ओना एहि सं एक दिन पहिनहि बीजेपी नेता यशवंतसिन्हा कहने छलखिन्ह जे आम लोक महंगाई सं परेशान अछि एहि मे कोनो अचरज नहि होएत जेलोक महंगाई के खिलाफ हिंसा पर उतारु भ जाएत.
बीजेपी नेता माया सिंह कहलीह जे सरकार केआबहुं लोक के गुस्सा के समझबाक चाही.
लेफ्ट नेता के कहनाय छल जे हम सेहोभ्रष्टाचार के खिलाफ छी… महंगाई के खिलाफ छी… एकर खिलाफ हम सरकार सं लड़ि रहलछी. मुदा थापड़ि मारय के एहि काज के पक्ष मे नहि छी. सभ्य समाज मे एकर जगह नहिअछि.
बीजेपी नेता आओर अभिनेत्री स्मृति ईरानीसेहो एकर निंदा करलीह आओर कहलीह जे लोकतंत्र मे अपन बात कहय के सभ के आजादी अछिमुदा एहि तरहक काज के कोनो तरहे ठीक नहि कहल जा सकैत अछि.
पवार के चांटा मारय के चारु कात निंदाकएल गेल अछि मुदा एकरा ओहिना नहि छोड़ल जा सकैत अछि.

ओना शरद पवार के कृषि मंत्री रहैतसब्जी… दाल… तेल… दूध और चीनी के दाम बेतहाशा बढल अछि.
महंगाई… भ्रष्टाचार… घोटाला… कालाधनके लsक लोक सभ परेशान अछि. लोक हजार-लाख कमाईलेल जिनगी गुजारि दैत अछि.
मुदा नेता…मंत्री सभ के संपत्ति केखुलासा देखबय तं अहां के पता चलत जे नेता… अफसर… मंत्री सभ के धन साल भर मेदू-दू… चारि-चारि गुना बढ़ि गेल अछि.
लोक के पास पाए नहि अछि आओर कइटा लोककरोड़ों टका विदेशी बैंक मे जमा करने अछि.
अंग्रेज तं देश सं धन लूटि क अपना देश लजाएत छल मुदा एकरा कि कहबय जेहि में अपने देश के लोक… अपन धन के विदेश मे लs जाsक जमा करि रहल अछि.
कहल तं ई जा रहल अछि जे अगर विदेश मे जमाधन अगर देश मे वापस ल आएल जाए तं कई साल धरि लोक के टैक्स नहि देबय पड़तन्हि. विकासके काज एकदम सं तेज भ जाएत. देश चमैक जाएत. मुदा एकरा करत के.
बाबा रामदेव अनशन करलक तं रातोंरात तंबूउखाड़ि देल गेल… अन्ना हजारे के सेहो पकड़ि क तिहाड़ भेज देल गेल छल. मुदा लोकके गुस्सा के देखैत सरकार के अन्ना के छोड़य पड़ल.
एतय सभ होएतहुं अगर लोक के सभ किछ ठीकहोएत नहि देखाएत तं लोक के गुस्सा भड़कबे करत.
मुदा लोक के कानून-व्यवस्था के हाथ मेनहि लेबाक चाही. लोकतंत्र मे हिंसाक कोनो स्थान नहि अछि.
अहांक के हिंसक होए के कोनो जरूरत नहिअछि. अहांक लेल सभसं पैघ हथियार अहांक वोट अछि.
अगर अहां के लगैत अछि जे सरकार अहांकअनुसार नहि चलि रहल अछि. अहांक मनक नहि करि रहल अछि बस वोट के हथियार सं कुर्सी संउतारि दिअ ओहन सरकार के.
वोट…अहांक मत अहांक एहन हथियार अछिजेहि के आगां बड़का सं बड़का नेता अहां के चरण स्पर्श करय लेल तैयार रहत.
एकर महत्व के पहचानु. वोट देबय लेल जरूरजाउ. भ्रष्टाचारी…कालाधन के पक्ष लेबय वाला के सबक सीखाउ.
वोट के टाइम मे जाति…धर्म के नाम पर…भाई-भतीजा के नाम पर… दू-चारि टका के नाम पर अपन वोट के बर्बाद नहि करु. वोटनामक हथियार के सही इस्तेमाल करु.
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