>नहि मिलत मिथिला राज्य!

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देश भर मे अखन जनगणना के दोसर चरण चलि रहल अछि. एहि चरण मे भाषा के बारे मे जानकारी सेहो जुटाएल जा रहल अछि. लोक सभ सं पूछल जा रहल अछि जे अहांक मातृभाषा कोन अछि? घर-परिवार मे कोन भाषा बाजय छी?
जनगणना करय लेल हमरो एहिठाम एकटा मैडम आएल छलीह. हम अपन मातृभाषा मे मैथिली… आओर दोसर-तेसर भाषा मे हिन्दी आओर

संस्कृत लिखएलौं. मैथिलीक संग संस्कृत के सेहो ध्यान राखय के जरूरत अछि.

जनगणना वाला फॉर्म भरएला के बाद दस ठाम फोन पर गप करलौं. दरभंगा… मधुबनी… मुजफ्फरपुर… शिवहर…आओर दिल्ली-एनसीआर के कई लोक के सं गप करलौं. हुनका सभ सं पूछलिएन्हि जे कोन भाषा लिखएलौं?
मुदा ई जानि बड़ दुख भेल जे दिल्ली-एनसीआर के बात त छोड़ु… मिथिलाक कइटा शहर के लोक सभ अपन मातृभाषा मे हिन्दी आओर उर्दू लिखैलखिन्ह. सभ के कहनाय छलन्हि जे जखन मैथिली बोलिते-लिखते नहि छी तं केना लिखाउ.
ई सुनि हम दंग रहि गेलहुं. मन मिथिला राज्य के लेल दिल्ली मे आबि धरना-प्रदर्शन करय वाला लोक पर तमसा गेल. सोचय लगलौं जे कि ई सभ सिर्फ धरना-प्रदर्शन मे मिथिला-मैथिलीक गप करय छथिन्ह?
ई सभ लोक सिर्फ राज्य के मांग करय छथिन्ह मुदा राज्य के लेल जे जरूरी…बुनियादी चीज अछि ओकरा अनठिएने छथिन्ह. मिथिला राज्य के मांग करय छथिन्ह मुदा मैथिली के बिसरएले जा रहल छथिन्ह.
मिथिला मे लोक जनगणना मे कोन भाषा लिखैथिन्ह एकरा लेल लोक सभ के जागरूक नहि करय छथिन्ह. हिनका सभ के तं घर-घर जाsक हर लोक…हर मैथिल सं मिल कs मैथिली लिखाबय के रिक्वेस्ट करय के चाहय छलन्हि.
मुदा एहन किछ नहि भ रहल अछि. किछठाम भओ रहल अछि त एकदम छोट स्तर पर. जकर असर नहि पड़ि रहल अछि. अभियान ओहिठाम चलाएल जा रहल अछि जतय के लोक खुद मैथिली लिखा सकय छथिन्ह.
शहर…टाउन मे एहन अभियान चलाबय के जरूरत छल आओर अछि. टाउन मे रहय वाला लोक आब मैथिली नहि बाजय छथिन्ह. हिन्दी मे गप करय छथिन्ह. ई अहां के दरभंगा …मधुबनी… मुजफ्फरपुर…
समस्तीपुर…बेगूसराय सभ ठाम देखाएत.
अहां गंगा सं उत्तर के पूरा इलाका के मिथिला मानय छी मुदा वैशाली… शिवहर… सीतामढी… चंपारण दिस लोक सभ मातृभाषा मे भोजपुरी लिखा रहल छथिन्ह. एहि पर कि कs रहल छथिन्ह नेता जी सभ?
फारबिसगंज… किशनगंज दिस सेहो अलगे हाल अछि… लोक सभ मैथिली नहि लिखा रहल छथिन्ह. मुस्लिम भाई सभ सेहो मातृभाषा मे उर्दू लिखा रहल छथिन्ह. जखन कि ई दोसर..तेसर भाषा मे होबाक चाही छल.
ई सभ मिथिला राज्य के मांग करय वाला लोक के नाक के नीचा भ रहल छनि. लोक सभ के कहनाय छनि जे ई सभ लोकनि सिर्फ अखबार…मैगजीन…टीवी पर आबय लेल आंदोलन चबाबय छथिन्ह. राजनीति चमकाबय लेल ऐना करय छथिन्ह.
लोक सभ के विचार जानि हमरो लगैत अछि कहीं एहिने त नहि अछि? अहां मिथिला राज्य के मांग करय छी मुदा ई कोन चीज पर मिलत. नहि मैथिलीक पढ़ाई…नहि लिखाई.
सिर्फ अष्टम अनुसूची मे शामिल भेलाह सं काज नहि चलत? जखन पढ़ाई-लिखाई नहि होएत त अहां के राज्य केना मिलत? अहां बेर-बेर कहय छी जे हम पांच करोड़ मैथिल के अलग राज्य चाही.
आब देखिऔ एहि जनगणना मे कतेक करोड़ होएत अछि. सभ के आबादी बढ़त मैथिली के घटत. ऐना मे मिथिला राज्य के सपन भूलि जाउ. झूठ-मूठ के नाटकबाजी सं नीक अछि बिहार के संग बनल रहुं आओर बिहार के विकास केर गप करु.

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1 Response to >नहि मिलत मिथिला राज्य!

  1. Anonymous says:

    >E neta sab je aandolan chalene chaith, apan roti sek rahal chaith. E sab apan kam nikalai wala chaith. Hinka sab sai jyada sab maithil wasi ke tatpar hebai parat takhan e sapna sakar hoit…….Anyatha bekar mein samai barbad kai rahal chi….Mithila rajya ke mang kar kai..Kumar Kali Bhushan Mumbai-Keoti

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