बिहार के लेल अहां कि करि रहल छी?

दरभंगा के वरिष्ठ पत्रकार छथिन्ह आलोक पुंज जी. आलोक जी पत्रकारिता के अलावा जनहित के काज सं सेहो जुड़ल रहय छथिन्ह. इलाका… जिला… राज्य के विकास केना होए… देश केना आगां बढ़य एहि लsक परेशान रहय छथिन्ह.
सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर सेहो एक्टिव रहय छथिन्ह. बिहार के विकास के लsक अपन अभियान चलौने रहय छथिन्ह. विकास के मामला पर हुनकर एकटा बहस पर कइटा कमेंट आएल अछि. मुदा एकटा कमेंट हमर

ध्यान अपना दिस खींचलक.

ओहि कमेंट मे कहल गेल अछि जे बिहार मे किछ विकास नहि भ रहल अछि. राज्य के बेसि लोक आब बाहर रहय छथिन्ह. बाहर कमाय- खाय छथिन्ह. मौज… मस्ती करय छथिन्ह. छु्टटी मे सिर्फ पिकनिक मनाबय लेल गाम दिस जाए छथिन्ह.
एहि कमेंट के बड़ निहितार्थ अछि. ई हमरा सोचय लेल मजबूर करि देलक. बिहार मे नीतीश जीक शासन अएला के बाद विकास के बयार बहल अछि. मुदा अखन बड़ काज बाकी अछि. मुदा जखन ई कमेंट आएल अछि त ओहिना नहि आएल होएत.
कमेंट करय वाला व्यक्ति सेहो वरिष्ठ पत्रकार छथिन्ह. हुनकर कमेंट के ओहिना नहि छोड़ल जा सकैत अछि. हुनकर कहय के अनुसार बिहार मे जे विकास होबाक चाही से नहि भ रहल अछि. बिहारी लोक के जे योगदान देबाक चाही से नहि द रहल छथिन्ह.
बिहारी लोक सिर्फ अपना मे मग्न रहय छथिन्ह. जखन धरि गाम घर मे रहय छथिन्ह. गाम -घर के बात करय छथिन्ह. बाहर गेलाह के बाद जखन धरि कुमार रहलौं गाम-घर अएलौं…बाद मे बाल-बच्चा होएला के बाद सेहो छूटि जाए छनि.
कमाय-खाय के झंझट…नेना-भुटका के पढ़ाबय-लिखाबय…स्कूल के झंझट मे ऐना फंसि जाए छथिन्ह जे बिहार छोड़ि बाहरे के भ जाए छथिन्ह. बिहार सं बाहर रहय वाला अधिकतर बिहारी दिल्ली… मुम्बई… पंजाब… कोलकाता… असम… बंगलुरु जतय रहय छथिन्ह ओतय घर बसा लैत छथिन्ह.
आब जखन बाहरे घर -द्वार बना लैत छथिन्ह… बसा लैत छथिन्ह त दोसर ठाम के चिंता फिक्र केना करथिन्ह? बड़ भेल त माय-बाबूजी के लेल हजार-दू हजार रुपया भेज दय छथिन्ह. अपन कर्तव्य के पूरा समझय छथिन्ह.
दिल्ली… मुम्बई मे सैकड़ों एहन बिहारी मिल जएताह जिनकर बाल-बच्चा कहिओ गाम के मुंह नहि देखने छथिन्ह.
हजारों एहन लोक मिल जएताह जिनका गाम-घर सं कोनो सम्पर्क नहि छनि. दस-दस…पन्द्रह-पन्द्रह साल गाम गेलाह भ गेल छनि.
हमर कइटा जानय वाला एहन छथिन्ह जे गाम-घर के जमीन-दलान बेचsक दिल्ली…नोएडा मे मकान खरीद लेने छथिन्ह. जखन गाम मे किछ रहबे नहि करल त जएताह कsतs. एहन हमरो गाम मे अछि.
बिहार सं बाहर रहय वाला एहन लोक सभ मेल… चैट… ऑर्कुट… फेसबुक सं अपना दिस के लोक सभ सं जुड़ल छथिन्ह. मुदा हुनकर नेना भुटका त अपना के दिल्लीए… मुम्बईवाला समझय छथिन्ह. नहि मैथिली जानय छथिन्ह … नहि मिथिला के.
ई हाल सिर्फ मिथिला के नहि अछि पूरा बिहार के अछि. बिहार मे पिछला किछ साल एहन रहल जे लोक पढ़ाई-लिखाई सं कमाई-धमाई लेल राज्य सं बाहर जाए लेल विवश भ गेलाह. मजबूरी मे गाम-घर छोड़य पड़लन्हि.
एहि के बाद लाखों लोक के पलायन भेल. कइ गाम मे त एहन कहल जाएत अछि जे कनिओ होसगर छलाह ओ बाहर गेलाह… जकरा कतहुं बास नहि होतन्हि से गाम मे जमल छथिन्ह. एहि मे किछ सत्यता सेहो अछि.
बिहार के जतेक लोक बिहार सं बाहर छथिन्ह ओहि मे बेसि बिहार के पिछड़ापन के कारण बाहर जाए लेल विवश भेल छथिन्ह. मुदा आब जखन बिहार मे माहौल बदलल अछि. देश-दुनिया के बिहार के बारे मे मानसिकता बदलल अछि.
तखन लोक घुमय-फिरय… मेल-मुलाकात के लेल बच्चा सभ के संग होली…छठि मे गाम जाए लागलखिन्ह. मुदा दिल्ली …मुम्बई मे रहय वाला बच्चा के लेल तं ओ एकटा सही मे पिकनिके अछि. ओ शहर सं गाम देखय जाए छथिन्ह.
वापस लौटला पर स्कूल मे सेहो अपन गाम-घर ने बारे मे बताबय छथिन्ह. मुदा गाम-घर सं जे जुड़ाव लोक के छल ओ ज्यादातर खत्म भ गेल अछि. लोक कई बेर छु्ट्टी मे हिल स्टेशन आ फेर माता वैष्णो देवी… शिर्डी साईं बाबा… बालाजी तिरुपति जनाए पसंद करय छथिन्ह.
दिल्ली…मुम्बई मे रहय वाला आई-काल्हि के बच्चा गाम-घर मे माटि मे नहि रहि पाबय छथिन्ह. बिना बिजली-बाती के हुनका नीक नहि लगै छनि. दू चारि दिन मे गर्मी… ठंड सं परेशान भ जाए छथिन्ह. भागय-भागय करय रहय छथिन्ह.
एहन मे एक बेर अएला के बाद दोसर बेर गाम-घर के प्रोग्रामे नहि बनैत अछि. लोक सं कटल जाए छथिन्ह. गाम-घर के जतेक लोक बड़का-बड़का अधिकारी… आईएएस… आईपीएस… एमबीए… इंजीनियर… डॉक्टर छथिन्ह ओ नहि आबय छथिन्ह.
एहन मे जखन गामे नहि अएताह त गाम के विकास कि करबैताह? गाम जइबै तखन नहि गाम-घर के परेशानी के बारे मे पता चलत? गाम-घर अखनो ओहने अछि. विकास के राह तकैत अछि.
एहिन मे बिहार सं बाहर रहय वाला हम-अहां सभ लोक दिल पर हाथ राखि के सोचिऔं जे हम सभ बिहार के लेल कि क रहल छी? हम बिहार के विकास मे कि योगदान द रहल छी?
कि हम बाहर बैसल-बैसल सिर्फ गप हांकि रहल छी आ फेर किछ कsओ रहल छी ? दिल्ली… मुम्बई मे रहय छी तं एहिठाम के अधिकारी… एनजीओ… कंपनी… संस्था सभ सं मिल कs गाम-घर के लेल किछ करबाउ.
एहि ठामक जानकार लोक… विशेषज्ञ सभ के सेवा लिअ… अहां खुद जानकार छी तं बिहार के विकास के लेल नवका-नवका चीज करु. लोक के प्रेरित करु. गाम-घर मे विकास के बयार बहाउ.
सिर्फ फेसबुक… मेल… चैट तक नहि रहुं. साल मे कम सं कम एक बेर गाम-घर दिस जरूर जाउ. लोक सभ सं मिलु. हुनकर परेशानी जानु. सड़क… बिजली… पानि… उद्योग-धंधा… आईटी… खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र मे किछ करु.
स्कूल-क़लेज खोलु… बीपीओ… कॉल सेंटर खोलु. अचार… जूस… मखान… माछ… आम… लीची सं जुड़ल काज करु. लोक सभ के रोजगार के लेल किछ करु. उद्यमी बनु. खुद कमाउ… दोसर के सेहो रोजगार दिऔं.
मुदा एहि के लेल पहिने अपना सं खुद पूछु जे अहां बिहार… अपना गाम-घर के लेल कि करि रहल छी आओर कि कs सकय छी ?
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हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com

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2 Responses to बिहार के लेल अहां कि करि रहल छी?

  1. Anonymous says:

    kI karbai…
    bahar rahai wala log papi pet ke lel rahait chaith…
    ehe jogar agar apna tham rahtai tai kiyek log bahar perait..

    jimmewar sab chaith…..sarkar aa…je bahar rahikai apna samaz ke bare mein nai sochait chaith…

    Kumar kali Bhushan
    Mumbai-Keoti

  2. Vinay Jha says:

    Hum Bihar k vikash k lel poora yogdan dai le taiyar chhi, muda samsay aichh je ki kail jaye, kena kel je ohi le sab k ekjut heba parat. aikhan hum ohi kaj me lagal chhi jagrukta faila rahal chhi.. aha humra kono kaj daka chhi humar astar sa je hoyat okra hum jaroor sa jaroor poora karab.

    ekta sujau: Page auto refresh bha jayey jaike karan page ke padhai and comment dai me bahut paresani hoaichhai..

    Dhanyawad.
    Vinay Jha,
    Belahi, Lohat, Pandaul ,Madhubani

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