>कि सभ अंग्रेज चलि गेल ?

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राति मे सुतय काल एकटा बात मोन मे घुसि पड़ल. आब ओ बात ऐना घुरिआएल जे काफी देर तक सुतलौं नहि. मन मे फंसल अछि. एहि बारे मे पढि नहि पाएल छी. अगर अहां सभ के जानकारी होए आ पढ़ने होए त बताबय के कोशिश करब.
बात ई अछि जे भारत के 15 अगस्त 1947 मे जखन आजादी मिलत तखन देश मे हजारों…लाखों के संख्या मे अंग्रेज रहल होएत. अंग्रेज अपन राज चलाबय लेल देश के कतेक लोक के अपना संग मिलौने होएत.
अंग्रेज भारत के हजारों लोक के पैघ-पैघ पद पर बैसा…उपाधि द अपना पक्ष मे

करने होयत. देशक सैकड़ों राजा-महाराजा मे सं पांच-दसोटा त अंग्रेजक संग देने होएत. अंग्रेजक शासन काल मे ओकर प्रशासन चलाबय लेल कतेक बड़ला-बड़का अफसर रहल होताह.

अंग्रेजी शासन काल मे देश के सैकड़ों लोक जी-हजूरी करैत होएताह. डीएम-कलक्टर सं लsक बड़का-बड़का पोस्ट पर होताह. अंग्रेज के आगां-पाछां करैत होएताह अंग्रेजक जुल्मी कानून के लागू कराबय लेल ओकर संग दैत होताह.
ओहि टाइमक लखपति… करोड़पति अपन बिजनेस चलाबय लेल अंग्रेज अफसर…शासक के चुमाऔन चढ़ाबैत होएत. ओहि टाइम के कतेक प्रबुद्ध लोक अपन काज निकालय लेल अंग्रेज के सामने सर झुकाबैत होएत.
कतेक लोक समाज मे रौब के लेल… सम्मान के लेल अंग्रेजी हुकुमत के करीबी होए के दंभ भरैत होएत. नहि जाने कोन-कोन तरहे अंग्रेज के संग दैत होएताह. हुकुम के पालन करय लेल भारत के आम लोक पर जुल्म करैत होएताह.
आब हमर सवाल ई अछि जे जखन भारत के आजादी मिलल त कि सभ अंग्रेज भारत छोड़ि क चलि गेल की ? आ फेर बहुत संख्या मे अंग्रेज भारतहि मे रहि अपन जड़ि मजबूत करैत रहल.
आजादी सं पहिने अंग्रेज के संग देबय वाला अफसर…बिजनेसमैन…सम्मान पाबय वाला…अंग्रेजी ऑर्डर के पालन कराबय लेल देश पर जुल्म करय वाला लोक कि अंग्रेजक संग ब्रिटेन चलि गेलाह की?
आ फिर अंग्रेज के जएतहि आजाद भारत के प्रशासन के हिस्सा बनल रहलाह. अंग्रेजी कानून के आगां बढ़ाबैत रहलाह ? ओहि टाइम अंग्रेज के संग देबय वाला लोक कि आइओ देशक प्रमुख पद पर विराजमान त नहि अछि?
अंग्रेजक जु्ल्मी शासन मे कदम पर कदम पर मिलाबय वाला लोक कि आइओ देश के लोक पर जुल्म त नहि करि रहल छथिन्ह? ओहि टाइम अंग्रेजक संग देबय वाला किछ नेता… अधिकारी के हम आइओ सम्मान त नहि करि रहल छी?
ओहि टाइम फूट डालो शासन करय के नीति अपनाबय वाला लोक आइओ प्रमुख पद पर बैसि देश के तोड़य के कोशिश मे त नहि लागल अछि ? ओ आइओ फूट डालो…शासन करो के नीति पर चलि देशक सामाजिक तानाबाना के छिन्न-भिन्न करय मे त नहि लागल अछि?
अंग्रेजक गेलाहक के बादहुं काफी संख्या मे ओहि जमानाक नियम-कानून किएक चलि रहल अछि? ओकरा बनाएल राखल मे ओहि गुट के हाथ त नहि अछि?
ओहि जमाना मे अंग्रेजक संग देबय वाला जमींदार…बाहुबली सभ कतहुं आइओ हमर एमएलए…एमपी त नहि बनल छथि?
ओहि जमाना मे देश पर जुल्म करि बड़का-बड़का हवेली बनाबय वाला लोक के हम आइओ सम्मान त नहि करि रहल छी ? कतहुं ओ लोक आइओ त ई नहि चाहैत छथि जे आम लोक के जीवन स्तर नहि सुधरय? गरीब- गरीबे बनल रहय.?
बुनियादी सुविधा सं वंचित रहय? विकास के किरण गाम-गाम नहि पहुंचय? कतहुं एहि सभ के कारण देशक किछ हिस्सा मे आंदोलन त नहि भ रहल अछि?
कृपया अहां सभ एहि सवाल सभ के जवाब देबय के कष्ट करब. हमर मन हल्का करय के कोशिश करब. धन्यवाद.

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हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com
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