>भारतीय नीति प्रतिष्ठान मे न्यू मीडिया

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दिल्ली के सभ सं पॉश इलाका मे सं एक हौज खास… आओर एहि हौज खास मे स्थित अछि इंडियन पॉलिसी फाउंडेशन. India Policy Foundation…यानी भारतीय नीति प्रतिष्ठान के सेमीनार कक्ष मे एहि दांत किटकिटा देबय वाला ठंड मे भ रहल छल गरमागरम बहस. बहस के केर मुद्दा छल वर्तमान परिदृश्य मे न्यू मीडिया.
बहस के मुख्य वक्ता छलाह वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय जी. पत्रकारिता जगत मे रामबहादुर राय जीक नाम काफी सम्मान सं लेल जाए छनि. आब जखन राय जी कमान संभालने छलखिन्ह त सुनय वाला लोक
सेहो कहां पाछा रहय वाला छलखिन्ह. सेमीनार कक्ष ठसाठस भरि गेल.  लोक के ठाड़ भs बहस के सुनय पड़लन्हि.
रामबहादुर जीक कहनाय छलन्हि जे एहि न्यू मीडिया के कारण देश-दुनिया मे व्यापक बदलाव आएल अछि. समाचार…न्यूज के स्वरूप बदलि गेल अछि. मीडिया के आब कोनो सीमा नहि रहल अछि. एकर पहुंच व्यापक भ गेल अछि. आब न्यूज़ के लेल लोक कोनो खास समाचर पत्र पर निर्भर नहि रहि गेलाह. आब हर आदमी रिपोर्टर अछि…आओर हर आदमी संपादक.
जतय जे देखय छथिन्ह ओकरा लोक के पास पहुंचा दैत छथिन्ह. एहि पर रायजी एकटा सवाल सेहो ठाड़ करलखिन्ह जे एहि सं खबर के साख… ऑब्जेक्टिविटी पर प्रश्नचिन्ह सेहो लागि गेल अछि. पहिने ई छल जे सब एडिटर…चीफ सब… न्यूज एडिटर… एडिटर सं भ क ओ खबर लोक के पास पहुंचैत छल. समाचार के तत्व के ध्यान राखल जाएत छल. मुदा ई न्यू मीडिया मे खत्म भ गेल अछि.
रामबहादुर जी इहो कहलखिन्ह जे न्यू मीडिया के कारण एकटा नवका मीडिल क्लास पैदा भ गेल अछि. जे अपना हिसाब सं चलि रहल अछि. ई मीडिल क्लास… ई मीडिया बोलि त बहुत किछ रहल अछि मुदा कहि किछ नहि रहल अछि. न्यू मीडिया मे एहि मीडिल क्लास के प्रभुत्व बढैत देखि बड़का-बड़का कॉरपोरेट हाउस सेहो जमि क पाई झोंकनाए शुरू करि देलक अछि.
एहि क्रम मे ओ सन ग्रुप… डीबी कॉर्प… इंडियाटाइम्स… सीएनएन-आईबीएन ग्रुप के तरफ सं लगाएल जा रहल पाई के जिक्र सेहो करलखिन्ह. हुनकर इहो कहनाए छलन्हि जे बड़का-बड़का घराना आई-काल्हि एहन लोक सभ के संपादक मंडल मे राखि रहल छथिन्ह जिनका पत्रकारिता सं कोनो लेना-देना नहि रहय छनि.
युवा पत्रकार विनय कुमार झा जीक एहि सवाल पर कि ओ आब अपना के पत्रकार कहय पर शर्म महसूस करय छथिन्ह…राय जीक कहनाए छलन्हि जे पहिने दस टा मे सं 7टा लोक पत्रकार पर भरोस करय छलखिन्ह मुदा आई एहन हाल भ गेल अछि जे दसटा मे सं मात्र तीनटा लोक पत्रकार पर विश्वास करय छथिन्ह. एहि पर चिंता जताबैत ओ कहलथिन्ह जे न्यू मीडिया के पत्रकार के ई कोशिश करबाक चाही जे हुनकर भरोस कम नहि हो. एकरा लेल जे कहुं… सत्य कहुं… सीधा कहुं आओर सही माहौल मे कहुं.
रायजी इहो कहलखिन्ह जे न्यू मीडिया के कारण पत्रकारिता के चरित्र बदलल अछि. मुदा ओ एहि बात पर जोर देलखिन्ह जे नवका पत्रकार के परम्परागत मीडिया आओर न्यू मीडिया दूनु के बीच तारतम्य बना क चलबाक चाही. दूनु के साधि क चलबाक चाही. विकिलिक्स आओर टेप लीक मामला के जिक्र करैत ओ कहलखिन्ह जे दुनिया के एहि सं न्यू मीडिया ते ताकत के एहसास भ गेल अछि.
आई-काल्हि नीरा राडिया टेप लीक के लsक जे हो-हल्ला भ रहल अछि ओहि पर हुनकर कहनाए छलनि जे अखन आलोक मेहता वाहवाही लूटि रहल छथिन्ह… जखन कि ई मामला हुनका पास छह मास पहिने गेल छलन्हि. तखन हुनकर मालिक हुनका डांटि क शांत करा देने छलखिन्ह. तखन आउटलुक एहि स्टोरी के नहि करने छल.
राय साहेब के विचार पर हां मे हां मिलाबैत संडे इंडियन के संपादक ओंकारेश्वर पांडेय जी कहलखिन्ह जे सच मे न्यू मीडिया बोलि त बहुत किछ रहल अछि कहि किछ नहि रहल अछि. न्यू मीडिया के आड़ मे लोक आन के तान लिख रहल छथिन्ह. जे नहि अएबाक चाही सेहो आबि रहल अछि मीडिया मे. कोनो नियंत्रण नहि रहि गेल अछि.
एहन मे ओ शंका जतैलखिन्ह जे अगर हम नहि चेतलौं त सरकार हमरा पर नियंत्रण कसि सकैत अछि. सरकार अपन रेगुलेशन लाबि सकैत अछि. लोक सं संयम बरतबाक चाही. सजग भ क काज करबाक चाही.
ओंकारेश्वर जीक बाद बारी अएलैन पीटीआई के नीरज भूषण जीक. नीरजभूषण डॉट कॉम … भारत बोलेगा डॉट कॉम आओर पीटीआई डायरी के संचालक नीरज जी के जोशीला भाषण सुनि लोक सभ सेहो जोश सं भरि उठलाह. रामबहादुर जी आओर ओंकारेश्वर जीक राय पर अपन असहमति जताबैत ओ कहलखिन्ह जे ओ न्यू मीडिया नामे सं सहमत नहि छथिन्ह.
नीरज जीक साफ कहनाए छलन्हि जे… जे नया अछि ओ न्यू अछि आ न्यूज़ अछि. पेपर के बाद रेडियो न्यू छल… रेडियो के बाद टीवी आओर टीवी के बाद इंटरनेट न्यू अछि. मुदा जखन लोक टीवी के न्यू मीडिया नहि कहलक तखन एकरा केना कहि सकय छी. आई अगर अमेरिका मे लोक के पता चलतन्हि जे न्यू मीडिया पर हम बहस करि रहल छी त ओ हंसताह.
ओ साफ कहलखिन्ह जे न्यू मीडिया के लsक जे हौवा ठाड़ करय चाहय छथिन्ह ओ सफल नहि होताह. इंटरनेट…ब्लॉग…वेबसाइट के कारण लोक नीक काज करि रहल छथिन्ह. बड़का-बड़का लोक जे खबर के दबाबए चाहैत अछि ओकरा लोक सामने लाबि रहल छथिन्ह. जे खबर के अखबार…टीवी आओर पीटीआई जैसन एजेंसी रोकय चाहैत अछि ओ एहि के कारण लोक के सामने आबि रहल अछि.
एकरे संग ओ इहो कहलखिन्ह जे बड़का-बड़का एजेंसी आओर समाचार घराना जे गलत खबर लोक के पास परोसि रहल अछि ओकर जवाब ई न्यू मीडिया द रहल अछि. ओकर प्रोपेगेंडा के ई पर्दाफाश करि रहल अछि. एकरा लेल ओ अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत यात्रा के समय खर्च के लsक देल गेल गलत खबर के उदाहरण सेहो देलखिन्ह.
ओ साफ कहलखिन्ह जे एकरा सं डरय के नहि एकरा साथ देबय के जरूरत अछि. ओंकारेश्वर जीक बात पर ओ कहलखिन्ह जे सरकार लाsक त देखाबौ रेगुलेशन… हम कोनो नियामक… नियंत्रक सं डरय वाला नहि छी. ओ एहि मीडिया मे कदम राखल वाला नवका पत्रकार के जोश सं भरि देलखिन्ह. सभ के कहलखिन्ह चिंता नहि करु जमि क जे देखय छी लिखु.
जनोक्ति.कॉम युवा संपादक जयराम विप्लव कहलखिन्ह जे राडिया मामला के बाद सत्ता के वाच डॉग कहय जाए वाला लोक आब बस डॉग बनि क रहि गेलाह. विकिलीक्स के तारीफ करैत ओ कहलखिन्ह जे एकटा सूरज उगल अछि मुदा ओ पूरब में नहि बल्कि पश्चिम मे उगल अछि. ओ इहो कहलखिन्ह जे न्यू मीडिया के कारण लोक के नवका अवसर हाथ लगलन्हि अछि.
कार्यक्रम के आखिर मे युवा पत्रकार अमिताभ भूषण जी लोक के एकदम सं जोश मे भरि देलखिन्ह. अपन जोरदार बहस मे ओ कहलखिन्ह जे आई काल्हि मीडिया मे दलाल टाइप लोक के भरमार भ गेल अछि. ब्लैकमेल करि लोक के परेशान करि कमाई के एकटा नवका धंधा शुरू करि देने अछि. पाई बनाबए लेल नवका नवका रास्ता अख्तियार करि रहल छथिन्ह. ओ नवका पत्रकार के जोश सेहो बढ़ौलखिन्ह.
एहि सं पहिने India Policy Foundation के निदेशक राकेश सिन्हा एहि बहस के शुरू करलखिन्ह. न्यू मीडिया के महत्व पर प्रकाश डाललखिन्ह. ओ कहलखिन्ह जे न्यू मीडिया काफी तेजी सं अपन जगह बना रहल अछि…आओर हमरा सभ के एकर चुनौती के ध्यान मे राखि आगां बढ़बाक चाही. ओ आईपीएफ के तरफ सं कएल जा रहल काज के सेहो जिक्र करलखिन्ह.
राकेश जीक ई प्रयास काफी सराहनीय अछि. एहि तरहक बहस… परिचर्चा बीच-बीच मे होएत रहबाक चाही. आओर एहि बहस मे आर्थिक पक्ष वाला मुद्दा जे बाचल रहि गेल ओकरा सेहो सुलझाबय लेल जल्दीए एकटा दोसर परिचर्चा करएबाक चाही. जेहि सं अमिताभ भूषण जीक जकां तमाम नवका पत्रकार… ब्लॉगर के पाए कमाएक के किछ रास्ता खुलि पएतन्हि.
एहि बहस मे विचारमीमांसा के संपादक और ब्लॉगप्रहरी नेटवर्क के संस्थापक कनिष्क कश्यप पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन सं न्यू मीडिया के बारे मे लोक के जानकारी सेहो देलखिन्ह. एहि सं लोक के न्यू मीडिया ते बारे मे काफी किछ जानय लेल मिललन्हि.
एहि बहस मे वरिष्ठ पत्रकार उदय सिन्हा… मीडिया मीमांसा के उमेश चतुर्वेदी … स्वतंत्र पत्रकार आशुतोष… दूरदर्शन केर ज्ञानेंद्र पाण्डेय… आरटीआई एक्टिविस्ट डी एन श्रीवास्तव… विस्फोट.कॉम केर संजय तिवारी… फ़िल्मकार भवेश नंदन झा… पत्रकार दीनबंधु सिंह… जनोक्ति.कॉम केर पत्रकार विशाल तिवारी … पत्रकार अवनीश सिंह… ब्लॉगर आशीष मिश्रा… स्त्री विमर्श .कॉम के कनुप्रिया… आओर युवा पत्रकार दीपाली पाण्डेय संग कइटा पत्रकार आओर छात्र सेहो शामिल भेलाह.

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हमर ईमेल:-hellomithilaa@gmail.com
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2 Responses to >भारतीय नीति प्रतिष्ठान मे न्यू मीडिया

  1. >बहुत अच्छा रपट बनैने छहों भाई जी , सभे लोग के बात समेटी के बहुते बढ़िया प्रतुतिकरण दिए के लेली साधुवाद !

  2. >धन्यवाद जयराम जी. एहन आओर होबाक चाही. किएक त असल मुद्दा पर चर्चा होनाए बाकी अछि.

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