बसंतपंचमी के शुभकामना

अहां सभ के वसंतपंचमी आओर सरस्वती पूजा के शुभकामना. मिथिलाक संग पूरा उत्तर भारत मे आई-काल्हि हड्डी कनकना देबय वाला ठंड पड़ि रहल अछि. मुदा ठंड… कोहरा… कुहासा… शीतलहरी के रहितो सरस्वती पूजा के लsक विद्यार्थी सभ के उत्साह कम नहि पड़ल अछि. पूरा मिथिला मे हर स्कूल… कॉलेज… संस्थान मे सरस्वती पूजा खूब धूमधाम सं भs रहल अछि. एतबे नहि हर टोल… चौक –चौराहा पर सेहो अहांक के पूजा पंडाल लागल आओर पूजा होएत मिल जाएत. खूब सजावट कएल गेल अछि. झाड़-झंकाड़…फूल के लड़ी लगाएल गेल अछि. कई ठाम बिजली के सामान सं सेहो सजावट कएल गेल अछि. भोरे सं साउंड-बाक्स… लाउडस्पीकर पर गाना बजि रहल अछि. कई ठाम सांस्कृतिक कार्यक्रम सेहो भs रहल अछि. रंग- बिरंगक मूर्ति बनाएल गेल अछि. कतहुं मोर पर सवार त कतहुं कमल फूल पर. काल्हिए सं मूर्ति खरीदकs लाबय के सिलसिला शुरू भs गेल. आई माता सरस्वती के मूर्ति के पूजा के संग स्थापित कएल गेल. लोक सभ अपन-अपन घर पर सेहो छोट-छोट मूर्ति स्थापित कs पूजा कs रहल छथिन्ह.
मां शारदे के पूजा के लेल कई तरह सामान जुटाएल गेल. धूप… दीप… अगरबत्ती… अक्षत… तिल… चंदन… अबीर के संग भगवती के चढ़ाबय लेल वस्त्र आओर श्रृंगारक सामान सं पूजा कएल गेल. पूजा मे बैर.. केसौर… अमरुद… आटाक चूर्ण वाला प्रसाद… बुन्दिया चढ़ाएल गेल. विद्या… बुद्धि… विवेक… ज्ञान की देवी मां शारदे के पूजा जतेक उत्साह सं अपना दिस होएत अछि ओतेक उत्साह अहांके बिहार… बंगाल के बाहर देखय लेल नहि मिलत. दिल्ली मे त कई स्कूल मे सिर्फ औपचारिकता निभाबय लेल एकर पूजा कएल जाएत अछि.
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