>Mithila… Janakpur Aur Nepal

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[ मिथिला जनकपुर आओर नेपाल ]

हेलो मिथिला के एकटा पाठक फोन कएने छलाह. हुनकर कहनाय छलन्हि जे मिथिलाक एहि ब्लॉग मे दु ठामक जानकारी जरूर होबाक चाहीजनकपुर आओर सीतामढ़ीक. हम कहलिएन्हि बेस एकरा बारे मे हम जरूर लिखब. शुरू करय छी जनकपुर सं. जनकपुर नेपाल मे अछि. ओना दुनु ठाम जाए के सौभाग्य मिलल अछि. मुदा जनकपुर गेलाह बीस साल सं बेसि भेल. सीतामढ़ी गेलाह सेहो आठनौ साल s गेल. सीतामढ़ी केर बारे मे अगिला बेर लिखब. जनकपुर मे हमर जानपहचान के कइटा लोक रहय छथिन्ह. जनकपुर आओर एकर आसपास कइटा रिश्तेदारी अछि. सभ के अपनअपन बिजनेस छन्हि. पहिने हुनका सभ सं मिलय लेलशुभ काज मे शामिल होए लेल जाइ छलहुं. हमर बुआजीचचेरी बहिन सेहो एम्हरे रहय छथिन्ह. हमर ननिहालमामा गाम सेहो नेपाल मे अछिरौटहट जिला. नेपालक पूर्व प्रधानमंत्री कोइराला के गृह जिला अछि रौटहट.

जनकपुर कहल जाए सीता माता s दुनिया भर मे प्रसिद्ध अछि. सीता जी के माता जानकी के नाम लं सेहो जानल जाइ छनि. जनकपुर राजा जनक विदेह के राजधानी छल. राजा जनक के पुत्री छलीह माता जानकी. बचपन मे माता जानकी शिवजी के विशाल धनुष के उठा लेने जकरा बाद राजा जनक प्रतिज्ञा कएने छलाह जेजे वीर एहि धनुष के उठा लेताह सीता जी के विआह हुनके संग होएत. एहि लेल स्वयंवर भेल. कइटा वीर राजकुमारचक्रवर्ती राजा एहि धनुष के उठाबय के बात छोडु कनिओ टसकाओ नहिं सकलाह. एहि स्वयंवर मे अयोध्या के राजकुमार दशरथ नंदन रामचन्द्र जी आओर लक्ष्मण जी सेहो अपन गुरु विश्वामित्र के संग आएल छलाह. जखन राजा जनक देखलथिन्ह जे शिवजी के धनुष के केओ गोटे टसकाओ नहिं पा रहल छथिन्ह निराश s कहय लगलाह जे लगैत अछि धरती वीर सं खाली s गेल अछि. पराक्रमी लोग आब नहिं रहल. एहि बात पर मुस्कुराइत श्री रामचन्द्रजी उठैत छथिन्ह धनुष के उठा लैत छथिन्ह. हुनका धनुष उठाबैते चारु कात खुशी के लहर फैलि जाइत अछि. रामजी धनुष के उठएबे नहिं करय छथिन्ह प्रत्यंचाडोरि चढ़ाबय लगैत छथिन्ह जाहि सं शिवजी के धनुष टूटि जाइत अछि. धनुष के तीन टा टुकड़ा s जाइत अछि. एकटा स्वर्ग चलि जाइत अछिएकटा पाताल चलि जाइत अछिजकर उपर पृथ्वी पर धनुष सागर पोखरि अछि. तेसर टुकड़ा जाहि ठाम गिरय धनुषधाम के नाम सं जानल जाइत अछि. जगह एहिठाम सं करीब 40 किलोमीटर दूर अछि. धनुष टूटला सं राजा जनक के प्रतिज्ञा पूरा होइ छन्हि अपन जानकी जी के हाथ अयोध्या केर राजकुमार श्री रामचन्द्र जी के s विआह करा दैत छथिन्ह. सीता माता के विआह के दिन अगहन शुक्ल पंचमी के एहिठाम विआह पंचमी मनाएल जाइत अछि. एकटा बड़का मेला लगैत अछि. दुनिया भर सं हजारों लोक आबय छथिन्ह. एकर संग एहिठाम रामनवमीचैत्र शुक्ल नवमी आओर जानकी नवमीबैशाख शुक्ल नवमी के सेहो भारी मेला लगैत अछि.

एहि ठाम भगवान राम आओर माता जानकी के भव्य मंदिर अछि. एहिठामक जानकी मंदिर के बारे मे कहल जाइत अछि जे एकरा भारत के ठीकमगढ़ के महारानी 1911 मे बनौले छलखिन्ह. एहि मंदिर मे माता सीतारामजी के संग भरतशत्रुघ्न जीक मूर्ति सेहो छनि. बड़ा भव्य मंदिर बनल अछि. मन के असीम शांति मिलैत अछि एहिठाम. एहिठाम अएला के बाद कतोहुं आओर जाए के मन नहिं करैत अछि. मंदिरक ऊपरका मंजिल सं जनकपुर शहर के झलक देखि सकय छी.
लोक सभ के एहिठाम देखय वाला स्थान मे जानकी मंदिरराम मंदिरसंकटमोचन मंदिररामसीता विआह मंडपधनुषसागर अछि. राम मंदिर मे रामनवमी के भारी भीड़ जुटैत अछि. मंदिर 1882 मे बनाएल गेल छल. एहि मंदिर के बगल मे अछि धनुषसागर. जनकपुर मे एहन कइटा पोखरि अछि जकर एहिठामक लोक के अनुसार धार्मिक महत्व अछि. जनकपुर मे जानकी मंदिर के बाद देखय वाला स्थान मे रामजानकी विआह मंडप भव्य स्थल अछि. नेपाली स्टाइल मे एकर निर्माण कएल गेल अछि. शीशा के बनल एहि मंडपस्थल सं बाहर के दृश्य बड़ नीक लगैत अछि. जानकी मंदिर के पास बनल एहि मंडप के बारे मे कहल जाएत अछि जे एहिठाम रामजी आओर सीताजी के विआह भेल छलन्हि.
जनकपुर आबय वाला लोक सभ संकटमोचन मंदिर सेहो जरूर जाए छथिन्ह. कहल जाइत अछि जे एहिठाम माथा टेकला सं लोक के सभ दुख संकट दूर s जाइत अछि. जनकपुर आबय वाला लोक सभ एहिठाम जनकपुर सं जयनगर तक चलय वाला लोकल ट्रेन के सेहो देखय छथिन्ह. ओना ट्रेन बड़ धीरे चलैत अछि. बैसलबैसल मन परेशान s जाइत. हम एक बेर एहि सं जयनगर सं जनकपुर गेलहुं तं चारि घंटा लागल रहय. जखन कि जयनगर सं जनकपुर सिर्फ 29 किलोमीटर दूर अछि. ट्रेन से पहिने अहां साइकिल सं जनकपुर पहुंच सकय छी. जनकपुर अहां जयनगर के अलावा मधवापुरमटिहानी…जलेश्वर आओरसीतामढ़ी काकरभिट्टा s सेहो जा सकय छी. जयनगर आब सीधा पटनादिल्लीकोलकाता सं जुड़ि गेल अछि. ताहि जनकपुर जाए मे कोनो दिक्कत नहिं होएत जयनगर स्टेशन सं जनकपुर के ट्रेन मिलि जाइत.

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1 Response to >Mithila… Janakpur Aur Nepal

  1. >bar nik jankari delau hitesh bhaiya

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